09 December 2025

CAM Diaries: दिग्गज, दोस्त और दिव्यता

एक दिन वर्कशॉप का बीत गया। एक थोड़ा बहुत बस idea सा लगा कि क्या हुआ लेकिन कुछ ठोस नहीं। अब जिस विषय में क ख ग का ही अंदाज़ा ना था, उसमें यदि 2021 के पेपर को पेश किया जाए तो इतना भी बहुत बड़ी बात है। काम cutting edge है एकदम। और बहुत लंबा चौड़ा, तो ऊपर ऊपर से ही बताया जा रहा है। इस्माइल भाई वर्ता है, और कल रात पता चला कि मेरे ही साथ वाले कमरे में ठहराएं गएं हैं। नामी दिग्गज है, उनके पास रुकना ही तो सम्मान की बात है। मुझे भी एक आलिशान अपार्टमेंट मिला है। रूड़की के एक भईया के साथ मिला है लेकिन ये इसकी तो रसोई ही मेरे निजी के कक्ष से बड़ी है। निजी लैट्रिन है। खाना भी एक नम्बर है और सस्ता भी। काश 2023 में इधर मुझे ले लेते, दिल तो बस गया हे इधर। जाते वक़्त दुःख होगा। अब क्या ही कर सकते हैं। आस पास का इलाका भी शान्त साफ़ सुथरा है। सुबह शाम टहलने जाना भी एक Therapy है इधर तो। आज सुबह ही गली में एक सुन्दर का मंदिर मिला।

भव्य मंदिर होते हैं गली गली गंगापट्टी के बाहर। देखकर ही दिल में दिव्यता का अनुभव होता है।

वैसे तो इधर जो है मेरे काम से बाहर है। लेकिन आज और कल इस्माईल भाई बोले हैं कि कुछ tools develop करेंगे जो analysis में काम आएंगे। The mechanics of local expansion और Renormalised continuous models । अभी तो हवा तक नहीं की ये क्या है। देखते है भविष्य में क्या होता है । पलक्कड़ में गए थे और ज़्यादा सीखे नहीं, बुरा लगा था। इधर नहीं लग रहा लेकिन। LB के साथ खाना, चाय, घूमने का ही कार्यक्रम करते रहते हैं। पिछले 6 महीने छोटी सी कक्षा में पढ़े तो दोस्ती तो बढ़ गई थी, अब तो बिलकुल भाई बहिन ही हो गए हैं। अच्छा है। कुछ तो फायदा हुआ। लेकिन नहीं सीखने का प्रयास करना है, बिना टेंशन के लेकिन ।अब जाना होगा दूसरे Lecture के लिए। चलते हैं।

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