हाल में ही CSIR Net का Result निकला। देश भर में रैंक 15 है। ख्याल था कि लेक्चरशिप का कटऑफ होगा, और असल में 15 रैंक है।
न उम्मीद थी, न कुछ और। कैसे हुआ, ये भी पता नहीं। यह तीसरी दफ़ा थी जब इस इम्तिहान का फॉर्म भरा था। पहली बार 2024 में था। उस समय तो
पोस्टपोन हो गया था, NTA में चीटिंग वगैरह का कुछ मामला था। उस समय थोड़ी-बहुत तैयारी की थी, लेकिन सेंटर नोएडा में आया था। जब एग्जाम हुआ तो मेरी छुट्टियाँ खत्म हो गई थीं और मैं इधर ओडिशा में था, इसलिए दे नहीं पाया। उसके बाद दिसंबर 2024 में बाय-लॉज़ में कुछ बदलाव किए गए, जिससे हम लोग एलिजिबल ही नहीं रहे, तो फिर नहीं दे पाया। फिर गर्मी 2025 में दिया, कुछ नंबर से लेक्चरशिप रह गई। फिर अब दिया। तैयारी तो नहीं की थी। सिलेबस का तो अभी तक मुझे ज्ञान ही नहीं हुआ है।
हफ्ते भर पहले तक CAM में था, फिर आकर
एक शादी में गया था। कब ही पढ़ता? और वैसे भी न पढ़ने की इच्छा थी, न इस बार देने की। DD ने करीब-करीब ब्लैकमेल करके ही फॉर्म भरवाया था। लोग मानते नहीं, सोचते हैं अकड़ रहा हूँ। मुँह पर तो कोई बोल नहीं पाता, लेकिन सोचना लाज़िमी है। अब खैर, ये कि
DJ Khalid का Suffering From Success है। मज़ाक अपनी जगह, सच में मैंने कुछ नहीं पढ़ा था। हाँ, 3 दिन, और सिर्फ 3 दिन, DD के साथ पेपर बनाने बैठा था, लेकिन फिर मनमुटाव से, समय मैच न होने से और ऐसे ही कुछ मन की बातों से वह टूट गया। उसका नहीं हुआ। 0.4 से लेक्चरशिप रह गई। किस्मत की ही तो बात है, बहुत हद तक। कभी-कभी लगता है कि
Fresh Off the Boat खत्म कर दिया, बहुत अच्छा लगा, अब
किताब भी पढ़ूँगा कि मैं एडी हुआंग जैसा हूँ। उसके SAT में ऐसे ही बिना पढ़े 1600 आ गए थे। बचपन से ही वह स्कूल में भी बिना पढ़े कर लेता था। उसका सबसे छोटा भाई इवान् इस बात से चिढ़ जाता है कि उसके लिए कितना आसान है और जीवन कितना अन्यायपूर्ण है।
डायलॉग ही देख लेते हैं:
Evan: You're both naturals, and I'm a sucker who has to put in the work.
Eddie: Dude, you're a straight-A student. Who cares?
Evan: I care because I have to earn it. You guys just wake up and it's there.
मेरे जीवन में कोई इवान् नहीं, तो मेरी अंतर्चेतना ही इवान् बन बैठी है। मुझसे पूछती रहती है। पाठक सोचेगा कि क्यों बड़बड़ा रहा है ये, इसका तो सब सेट है। हाँ, शायद सेट है, लेकिन सही नहीं लग रहा। शायद इसी भावना को लेकर पाश्चात्य में “प्रिविलेज” को लेकर इतना खेल होता है। अभी
Crazy Ex-Girlfriend (यह भी अच्छा था, पूरा देख लिया, मानसिक स्वास्थ्य का संदेश देने वाला सिटकॉम है) देख रहा था। उसमें भी एक एपिसोड में नाथेनियल प्लिम्प्टन तृतीय को ऐसी चीज़ का एहसास होता है और फिर वह इस बारे में बोलता ही जाता है। क्या मैं भी उसकी तरह हूँ?
लेकिन सब कुछ भी तो नहीं मिला। श्यामा प्रसाद मुखर्जी फ़ेलोशिप लगती है कि मिल सकती है, लेकिन 15 रैंक आकर भी नहीं मिलेगी, क्योंकि जनरल में पहले 14 ही लोगों को बुलाते हैं। चलो, सब तो सही नहीं है। और हाँ, एग्ज़ाम आ रहे हैं।
पहले भी लिखा था, जिसमें ऑपरेटर थ्योरी का कुछ अता-पता नहीं था, आज भी स्थिति बदली नहीं है।
बरहामपुर वाले में चयन हो गया वैसे। GATE में आजकल AI से उत्तर मिला सकते हैं, उसका भी देखकर लग रहा है कि शायद 100 के अंदर रैंक आएगी। और लोगों की मानें तो 25 के अंदर। पहले एक बार निकल गया था, 616 रैंक। लेकिन मुझे एहसास ही नहीं कि यह अच्छा है या खराब। इन सबकी सभ्यता से अलग ही हो गया हूँ मैं। इंजीनियरिंग करनी तो थी नहीं मुझे, लेकिन JEE कल्चर से बहुत हद तक जुड़ा हुआ था मैं।
Kota Factory भी देखी थी। पहला शो था मेरा, और उस समय सोचा था यही है।
खैर, ये बात तो पुरानी है। फिलहाल इस हफ्ते के एग्ज़ाम के लिए ही पढ़ना चाहिए मुझे, कम से कम कोशिश तो करें।